तुम आना पूरी ज़िंदगी लेकर बहुत सी बातें करनी है

 अनजान शहर में अकेला सफर,

अनजाने लोग और भरी दोपहर,

हज़ारों की भीड़ में भी अकेलापन,

उलझी हुई ज़िंदगी और उलझा हुआ मन,

इन सब की कहानी कहनी है।

तुम आना पूरी.......


गुमनाम शाम खामोश रातें,

दिलों दिमाग में सैकडों बातें,

बारिश की बूंदों का सूखापन,

और तुम्हारे ना होने का गम,

इस सब की पीड़ा बतानी है,

तुम आना पूरी.....


कुछ खूबसूरत गाने,

कुछ ज़िन्दगी के तराने,

कुछ किस्से खूबसूरत ख्वाब के,

कुछ दर्द दिल के ज़ज़्बात के,

तुमको सुनानी है,

तुम आना.....


कुछ दोस्त थे जो रूठ गए,

कुछ हाथों से छूट गए,

कुछ खुद में ही व्यस्त हैं,

कुछ नए दोस्तों में मस्त हैं,

उन सबकी शिकायतें करनी है,

तुम आना.....


कई ज़िन्दगी के रंग देखे,

कई बार हारा कई बार जिते,

कई दिन बेबसी में गुजरी है,

कई ख्वाब ख्वाहिशें अधूरी हैं,

ये सब कुछ तुम्हे बतानी है,

तुम आना.....

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Milan Tomic

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